यह एनीमेशन काल्पनिक दृश्यों की एक श्रृंखला प्रस्तुत करता है जो विज्ञान-कथा के नज़रिए से पाकिस्तानी संस्कृति की पुनर्कल्पना करते हैं, और परंपरा एवं आधुनिकता के बीच के संबंध की जांच करते हैं। दैनिक जीवन के कई पहलुओं को छूते हुए, यह कृति इस बात का परीक्षण करती है कि तीव्र तकनीकी प्रगति के बीच सांस्कृतिक पहचान और विरासत कैसे अनुकूलित हो सकती है, टूट सकती है या बनी रह सकती है। वास्तुकला के रूपों, वाहनों, दृश्य रूपांकनों और संगीत जैसे परिचित तत्वों को भविष्य के संकरों (hybrids) में पुनर्गठित किया गया है, जो एक बहुस्तरीय दृश्य भाषा बनाते हैं। भविष्य का कोई एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के बजाय, यह एनीमेशन सांस्कृतिक निरंतरता में एक काल्पनिक जांच पेश करता है: जैसे-जैसे समाज एक अज्ञात भविष्य की ओर बढ़ता है, क्या परिवर्तित होता है, क्या सुरक्षित रहता है और क्या खो जाता है। स्थानीय वास्तविकताओं, परंपराओं और विरासत पर आधारित यह कार्य, पश्चिमी विज्ञान-कथा के सौंदर्यशास्त्र और विषयों को चुनौती देता है और तकनीकी आधुनिकता के एक विशिष्ट दक्षिण एशियाई दृष्टिकोण को पुख्ता करता है।
ओमर गिलानी
ओमर गिलानी एक स्वशिक्षित डिजिटल कलाकार और क्रिएटिव डायरेक्टर हैं, जिनका कार्य रोबोटिक्स, दक्षिण एशियाई विरासत और स्पेकुलेटिव फ्यूचरिज़्म के संगम पर स्थित है। इंजीनियरिंग में प्रशिक्षित गिलानी ने रोबोटिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एमएससी और एमफिल की डिग्री प्राप्त की, तथा पीएचडी आरंभ की थी, लेकिन बाद में पूर्णकालिक रूप से दृश्य कला की ओर रुख किया। उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि आज भी उनके रचनात्मक दृष्टिकोण को प्रभावित करती है, जिससे उनके कार्य में संरचनात्मक सोच और प्रणालीगत समझ स्पष्ट दिखाई देती है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गेम उद्योग में की, जहाँ उन्होंने डिजिटल पेंटिंग, 3D वातावरण, एनीमेशन और इमर्सिव मीडिया में विशेषज्ञता हासिल की। उनके व्यावसायिक कार्य में Star Wars और Transformers जैसी वैश्विक रूप से प्रसिद्ध परियोजनाओं में योगदान शामिल है। इसके समानांतर, उन्होंने अपनी स्वतंत्र कला-प्रैक्टिस विकसित की, जिसने उन्हें समकालीन डिजिटल कला परिदृश्य में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।
गिलानी विशेष रूप से अपनी अग्रणी Pakistan+ श्रृंखला के लिए जाने जाते हैं, जिसमें उन्होंने “देसी साइ-फाइ” सौंदर्यशास्त्र की स्थापना की। इस श्रृंखला में पाकिस्तानी शहरी परिदृश्यों को साइबरपंक दृष्टि से पुनर्कल्पित किया गया है, जो पश्चिम-केंद्रित विज्ञान कथा कथाओं को चुनौती देता है और दक्षिण एशियाई पहचान को भविष्यवादी कल्पना में स्थापित करता है। ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और प्रोजेक्शन मैपिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करते हुए, उनका कार्य परंपरा, स्मृति और तकनीकी परिवर्तन के बीच संबंधों की खोज करता है।
उनकी कला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित हो चुकी है और उन्हें ग्लोबल साउथ फ्यूचरिज़्म की एक महत्वपूर्ण आवाज़ के रूप में स्थापित करती है। उनके कार्य में यह प्रश्न प्रमुख है कि तीव्र तकनीकी परिवर्तन के बीच सांस्कृतिक पहचान कैसे संरक्षित, परिवर्तित या पुनर्परिभाषित होती है।